पूर्व आईएएस की पत्नी के गर्ल्स हॉस्टल में पड़ा छापा, नाबालिग बच्चों से करवाया जा रहा था ये काम
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लखनऊ के जानकीपुरम में एक पूर्व आईएएस अफसर की पत्नी के मां यशोदा गर्ल्स हॉस्टल पर बृहस्पतिवार को बाल संरक्षण आयोग ने छापा मारा। इस दौरान वहां किचन में दो नाबालिग काम करते मिले। महिला वार्डन और अन्य कमियों से नाराज होते हुए टीम ने हॉस्टल संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

बाल आयोग सदस्यों का कहना है कि हॉस्टल का पंजीकरण व अन्य औपचारिकताएं भी पूरी नहीं है। हॉस्टल में बाल श्रम व अन्य कमियों की जांच रिपोर्ट को लेकर बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने डीएम व संबंधित विभाग से उचित कार्रवाई को लिखा है।

शिकायत के बाद बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष विशेष गुप्ता के निर्देश पर आयोग की सदस्य शुचिता चतुर्वेदी व डॉ. प्रीति वर्मा ने मां यशोदा गर्ल्स हॉस्टल में छापेमारी की। इस दौरान हॉस्टल के किचन में दो नाबालिगों को काम करते पाया गया। आयोग की सदस्य शुुचिता चतुर्वेदी ने बताया कि केयरटेकर कन्हैया लाल से जिम्मेदार को बुलाने को कहा तो काफी देर बाद हॉस्टल संचालक व पूर्व आईएएस अफसर के भाई एमपी तोमर आए।

टीम के सवालों पर तोमर ने सफाई दी, लेकिन उन्हें कार्रवाई की चेतावनी दी गई। बाल आयोग की टीम ने करीब एक घंटे हॉस्टल के अंदर निरीक्षण किया। शुुचिता चतुर्वेदी ने बताया कि दस साल से कम उम्र के दोनों बच्चों से 30 से 35 लड़कियों का खाना पकवाने व सर्व कराने का काम कराया जा रहा था।

बाल आयोग टीम को हॉस्टल के किचन में आंगनबाड़ी में बांटी जाने वाली दलिया के पैकेट मिले। इसके अलावा तहखाने में लगा सीसीटीवी कैमरा बंद मिला। तहखाने में एसी रूम व गेस्ट रुकने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए आयोग की टीम ने नाराजगी जताई।

बाल आयोग टीम की माने तो दो साल से यहां कोई महिला वार्डन नहीं है यहां पुरानी हास्टलर्स में से किसी एक को यह जिम्मेदारी सौंप दी जाती है, जिसके एवज में उसका किराये कर दिया जाता है। वहीं, लड़कियों का कहना है कि महिला वार्डन न होने से काफी असुविधा होती है। सालभर पहले महिला वार्डन की शादी के बाद से दूसरी महिला वार्डन अब तक नहीं रखी गई।

कहना था कि हॉस्टल में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। देर रात तक गेट खुला रहता है। हास्टल संचालक कपूरथाल में रहते हैं जो कभी-कभार ही आते हैं।

उप्र. राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष विशेष गुप्ता ने बताया कि मां यशोदा गर्ल्स हॉस्टल में बाल श्रमिक मिलने और कमियों के मद्देनजर जांच के आधार पर उच्च स्तरीय जांच के लिए डीएम लखनऊ को लिखा गया है। साथ ही संबंधित विभाग महिला व बाल कल्याण से कार्रवाई को लेकर निर्देश दिए गए हैं। श्रम विभाग को भी उचित कार्रवाई के लिए कहा गया है। - विशेष गुप्ता, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग

हॉस्टल में सारी व्यवस्थाएं हैं। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे व कर्मचारी हैं। हर लड़की का रिकॉर्ड रहता है। बाल श्रमिक नहीं बच्चों के माता-पिता यहां साफ सफाई का काम करते हैं। इसके चलते ये बच्चे भी यहां आते जाते हैं।
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