पिता ने दिलाई थी वर्ल्ड कप टीम में जगह , मगर बिना मैच खेले लौटना पड़ा स्वदेश

जब भी किसी टूर्नामेंट या सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा की जाती है तो अक्सर लोगों का गुस्सा चयनकर्ताओं पर उठता है, क्योंकि उनके फेवरेट क्रिकेटर को टीम में जगह नहीं मिलती है। भारतीय क्रिकेट टीम के प्रशंसक यह समझते हैं कि भारतीय टीम के चयन के दौरान चयनकर्ता राजनीति भी करते हैं। इस पोस्ट में हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे भारतीय क्रिकेटर के बारे में जिसको वर्ल्ड कप में मौका नहीं मिलना चाहिए था। ना ही वह इस के काबिल था। हालांकि उसके पिता चयनकर्ता थे। इस कारण उसको टीम में शामिल किया गया था। यह बात विश्व कप 2015 की है। आइए जानते हैं उस क्रिकेटर के बारे में
Third party image reference
मित्रों हम जिस क्रिकेटर की बात कर रहे हैं उसका नाम स्टुअर्ट बिन्नी है। अगर आपको नहीं पता हो तो बता दे कि स्टुअर्ट बिन्नी के पिता का नाम रोजर बिन्नी है जो भारतीय टीम के क्रिकेटर रहे है। इतना ही नहीं वह साल 2012 में भारतीय क्रिकेट टीम के चयन समिति के अध्यक्ष भी थे। इसी दौरान उन्होंने अपने बेटे को टीम में खेलने का प्रस्ताव रखा। यह प्रस्ताव चयन समिति के सभी सदस्यों ने स्वीकार कर लिया था।
Third party image reference
यदि स्टुअर्ट बिन्नी के घरेलू क्रिकेट के प्रदर्शन पर गौर किया जाए तो उन्होंने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया। हालांकि पिता के चयनकर्ता होने का फायदा उनको मिला। यही कारण रहा कि उनको बिना किसी संघर्ष के भारतीय वनडे टीम में डेब्यू करने का अवसर मिला। साल 2014 में अक्टूबर के महीने में भारत और वेस्टइंडीज के बीच एक वनडे मैच खेला गया था। यह स्टुअर्ट बिन्नी के करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच था।
Third party image reference
इसके बाद स्टुअर्ट बिन्नी को वर्ल्ड कप 2015 के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भी शामिल किया गया था, क्योंकि उनके पिता चयनकर्ता थे। भले ही उनको टीम में जगह मिल गई। लेकिन धोनी ने बिन्नी को प्लेइंग 11 में खेलने का एक भी अवसर नहीं दिया। उनको वर्ल्ड कप 2015 में एक भी मुकाबला खेलने का अवसर नहीं मिला और वह बिना खेले ही अपने स्वदेश वापस आ गए। इसके बाद स्टुअर्ट बिन्नी को दोबारा कभी भारतीय टीम में जगह नहीं मिली।

