यहां की महिलाए कभी नहीं पहनती ब्लाउज, कुछ ऐसी है इनकी परंपरा

छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में ब्लाउज फ्री साड़ी पहनने का चलन सदियों से चला आ रहा है आज भी यहां ट्राईबल महिलाएं ब्लाउज फ्री साड़ी पहनती है
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जानिए इस फैशन के बारे में छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में आज भी खेतों में ब्लाउज फ्री साड़ी पहनकर महिलाएं काम करती देखी जाती है दरअसल गातीमार स्टाइल कहा जाता है जो 1000 सालों से परंपरा में चली आ रही है आदिवासी इलाकों में महिलाओं का कहना है कि यह स्टाइल सुविधाजनक होने के साथ-साथ खेत में काम करने बोझ उठाने के लिए ठीक होता है जंगली इलाकों में भारी र्गमी के चलते ऐसी साड़ी पहन्ना महिलाओं के लिए सुविधा युक्त होता है
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अब यह स्टाइल लुप्त हो रही है अब आधुनिक फैशन ने इन इलाकों में भी दस्तक दे दी है अब यहां की लड़कियां शादी के साथ-साथ ब्लाउज पहनने लगी है अब इस परंपरा को बचाने में पुराने लोग लगे हुए है अब वापस ट्रेन्ड में आ रही है यह परंपरा फैशन में दोबारा लौट रही है लेकिन इस बार यह आदिवासी इलाकों में नहीं बल्कि माया नगरी मुंबई समेत अनेक मेट्रो सिटीज मे देखा जा रहा है

